Essay on Bicycle in Hindi – साइकिल की सवारी पर निबंध

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Essay on Bicycle in Hindi
साइकिल की सवारी पर निबंध – essay on Bicycle in Hindi

Essay on Bicycle in Hindi

साइकिल का मतलब है- दो पहियों वाली सवारी।

भूमिका

एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए अनेकों साधन जैसे ऑटो रिक्शा, स्कूटर, मोटर साइकिल, कार, रेलगाड़ी, हवाई जहाज, बस आदि के प्रयोग से वायु प्रदूषण फैलता है। किन्तु साइकिल न तो प्रदूषण फैलाती है, न ही शोरगुल करती है। इसलिए यह हॉलैंड की राष्ट्रीय सवारी है।

इतिहास

पहिए के आविष्कार के बाद ही 1839 ई. में स्कॉटलैंड के एक लुहार मैकमिलन ने इसका आविष्कार किया। पहले इसका अगला पहिया बड़ा और पिछला पहिया छोटा होता था। किन्तु आकस्मिक ब्रेक लगाने पर चालक मुँह के बल गिरता था। फिर इसके रूप में सुधार लाया गया। दोनों पहियों को समान बनाया गया ताकि चालक को अचानक ब्रेक लगने पर कोई नुकसान न उठाना पड़े।

सुरक्षित तथा सस्ती सवारी

दुर्घटना की दृष्टि से सबसे सुरक्षित साइकिल की सवारी है। आज महँगाई के युग में साइकिल के बिना कोई ऐसी सवारी नहीं बनी जो बिना खुराक के चल सके। इसकी सवारी ही एकमात्र ऐसी सवारी है, जिससे पृथ्वी की हरियाली समाप्त नहीं होती। इसमें पैट्रोल की, कोयले की और न ही बिजली की खपत होती है। विज्ञान के इतिहास में ऐसा आविष्कार आश्चर्यजनक घटना है।

खर्च की दृष्टि से इसकी सवारी अन्य सभी सवारियों से सस्ती है। हालांकि आधुनिक युग में यह गियरों तथा अनेक लुभावने रंगों में काफी महँगी मिलती है। फिर भी किसी भी मोटरयान के मुकाबले में यह सस्ती होती है। दूसरे पालने-पोसने और रख-रखाव में नाममात्र का ही ख़र्च होता है।

स्वास्थ्य के लिए उत्तम

स्वस्थ तन और मन के लिए भी इसे चलाना उत्तम है। यही ऐसा व्यायाम है जिससे एक ही बार में शरीर के सारे अंगों का व्यायाम हो जाता है और रोग पास नहीं फटकते। डॉक्टर भी इसे चलाने की सलाह देते हैं।

पर्यावरण हितैषी

घर से स्कूल, मित्रों के पास और अपने शहर या गाँव में तो साइकिल की सवारी करके ही पहुँच सकते हैं। इसकी सवारी करते समय आवश्यक नियमों का पालन अवश्य करना जरुरी चाहिए। इसे सड़क के बाएँ तरफ ही चलाना, जब भी सड़क या गली का मोड़ काटना हो तो हैंडल पर लगी घंटी बजाना और जिस तरफ मुड़ना हो हाथ से इशारा करना चाहिए। इसलिए हम साइकिल की सवारी कर और वातावरण को दूषित होने से बचाने में सहयोगी बनकर आने वाली पीढ़ी के लिए भी शुद्ध वातावरण और खनिज तेल बचा सकते हैं। यह पर्यावरण हितैषी भी है। विश्व स्तरीय सभी खेल मुकाबलों में धीमी गति और तेज़ गति की साइकिल दौड़ का आयोजन किया जाता है।

उपसंहार

यदि हम साइकिल की सवारी अधिकाधिक करते हैं। तो स्वस्थ शरीर, शुद्ध पर्यावरण प्राप्त होगा। देश का पैट्रोल-डीजल पर होने वाला ख़र्च घटने से देश आर्थिक संकट से भी बच जाएगा। वह दिन दूर नहीं जब सेहत को ध्यान में रखते हुए सुविधाभोगी लोग साइकिल की सवारी को ही उत्तम मानेंगे।

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