Essay on Yatayat in Hindi यातायात के साधन पर निबंध

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Essay on Yatayat in Hindi

भूमिका

यातायात मनुष्यों एवं वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का साधन है। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। समाज में विचरण करना उसका स्वभाव है। उसके लिए वह यातायात के साधनों का प्रयोग करता है। उसके लिए यातायात के नवीनतम साधन किसी आश्चर्य से कम नहीं हैं जिनके माध्यम से आज मनुष्य मीलों तथा महीनों में तय की जाने वाली दूरी को कुछ ही घण्टों में या दिनों में पूरा कर लेता है। समुद्री जहाज़ यातायात का सबसे प्राचीनतम तथा महत्वपूर्ण साधन रहा है। आज दूरी इतनी शीघ्रता से तय हो जाती है कि सही दूरी कितनी है इसका आभास नहीं होता।

इतिहास

आदिकाल में मनुष्य के पास यातायात के साधन नहीं थे। उसकी आवागमन की आवश्यकता ने उसे पशुओं का उपयोग करना सिखाया। फिर जब उसने पशुओं को पालना शुरू किया तो उनमें से कुछ से वह सवारी और बोझा ढोने का काम लेने लगा। आज भी बैल, घोड़े, ऊट, गधे, खच्चर आदि पशु सवारी के और सामान ढोने का काम आती है।

पहिए का आविष्कार

यह मानव इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। ईसा से 3400 वर्ष पूर्व लकड़ी के पहिए का आविष्कार हुआ। पहिए के आविष्कार ने बैलगाड़ी, घोड़ागाड़ी तथा साइकिल का जन्म हुआ। यातायात के सभी साधनों में पहिए का प्रयोग होता है। साइकिल, मोटर, बस, ट्रक, रेलगाड़ी सभी पहिए से ही चलते हैं।

आधुनिक युग में यातायात

आज का समय बदल गया है। इन वैज्ञानिक युग हजारों मील की दूरी मनुष्य घंटों में तय कर लेता है। सड़कों पर दौड़ते हुए बसें, पटरी पर दौड़ती हुई रेलगाड़ियां तथा आकाश में उड़ते हुए विमानों ने एक स्थान से दूसरे स्थान की दूरी को कितना कम कर दिया है। जल-यात्रा करने के लिए मनुष्य ने एक नए साधन की ख़ोज की। वह साधन था- नाव। नाव द्वारा जलमार्ग से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना सरल हो गया। समुद्र की लहरों पर दिन-रात विशालकाय जलयान एक देश से दूसरे देश को आतेजाते रहते हैं। आज महँगाई के युग में साइकिल के बिना कोई ऐसी सवारी नहीं बनी जो बिना खुराक के चल सके। इसकी सवारी ही एकमात्र ऐसी सवारी है, जिससे पृथ्वी की हरियाली समाप्त नहीं होती। इसमें पैट्रोल की, कोयले की और न ही बिजली की खपत होती है। विज्ञान के इतिहास में ऐसा आविष्कार आश्चर्यजनक घटना है।

यातायात तीन किस्म के साधन हैं :

1. थल यातायात 2. जल यातायात 3. वायु यातायात

1. थल यातायात : थल यातायात के साधन जैसे पटरी पर रेल और सड़कों पर चलने वाले साधन जैसे साइकिल, मोटर, बस, ट्रक, आटो तथा स्कूटर आदि शामिल हैं। रेलगाड़ी का आविष्कार सन् 1825 में हुआ। यातायात का एक महत्वपूर्ण साधन है। लोग इन साधनों की लम्बे सफर तय करने के लिए प्रयोग करते हैं। दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता जैसे शहरों में रेलवे यातायात का ही प्रयोग किया जाता है। मगर मोटर, बस, साइकिल के साधनों में कई दिन सफ़र तय करने में लग जाते हैं। थोड़ी दूरी तक जाने के लिए साइकिल इत्यादि साधनों का प्रयोग किया जाना चाहिए।

2. जल यातायात : जल-यात्रा करने के लिए मनुष्य ने नए साधन की खोज की, वह था-नाव। नाव द्वारा जलमार्ग से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना सफल हो गया। जल यातायात में चलने वाले साधन जैसे नाव, समुद्री जहाज़ क्रूज आदि शामिल हैं। नावों द्वारा मछली पकड़ने और कुछ दूरी के सफ़र को तय करने के लिए किया जाता है। समुद्री जहाज द्वारा समुद्री और सागर को पार करके दूसरे देशों में आने-जाने और सामान लाने-ले जाने में प्रयोग किया जाता है। क्रूज आदि का प्रयोग सैर सपाटे एवं मनोरंजन आदि के लिए किया जाता है।

3. वायु यातायात : वायु यातायात के साधन जैसे हवाई जहाज़, हैलीकॉटर आदि शामिल हैं। हवाई जहाज़ के द्वारा सफर करने के लिए बहुत कम समय लगता है। यह सबसे तेज रफ्तार से चलने वाला साधन है। हवाई जहाज द्वारा दुनिया के किसी भी कोने में लेकर जा सकता है। परन्तु यह यातायात का सबसे महंगा साधन है। पहली बार अमेरिका के विलबर राइट और आरबिल राइट नामक दो भाइयों ने पैट्रोल इंजन की सहायता से हवाई जहाज़ को उड़ाया। पहला जहाज़ सन 1919 में उड़ा। इस प्रकार यातायात के आधुनिक साधनों न दुगम मरुस्थल अथाह समुद्र और पर्वतों को पार कर लेना कितना सुगम बना दिया।

यातायात के साधनों के लाभ :

• एक स्थान से दूसरे स्थान तक जल्दी पहुँच सकते हैं।
• वस्तुएँ को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से मँगवा सकते हैं।
• हम भिन्न-भिन्न स्थानों पर स्वयं जाकर प्रकृति की सुन्दरता और मनुष्य के द्वारा बनाए गए कला के नमूने को देख सकते हैं और उनका आनन्द ले सकते हैं।
• हम दूर-दूर स्थानों तथा दूसरे देशों में से वस्तुओं को मँगवा सकते हैं।

यातायात के साधनों की हानियाँ :

• सड़कों और वाहनों की गिनती बढ़ने के कारण दुर्घटनाओं की गिनती भी बढ़ रही है। लोग सुरक्षा नियमों की पालना नहीं करते जो उनके लिए दुर्घटनाओं का कारण बनती है।
• वाहन वायु में दूषित गैसें छोड़ते हैं और वायु प्रदूषित करते हैं। वायु के प्रदूषण से सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दूषित गैसें फेफड़े, आँखों और गले की बीमारियाँ पैदा करते हैं।
• गतिशील वाहन और हवाई जहाज से शोर प्रदूषण पैदा करते हैं। ये सेहत के लिए नुकसानदायक हैं।
• एक देश से दूसरे देश में समुद्री जहाजों के द्वारा तेल लेकर जा रहे तेल के रिसाव या लीकेज होने के कारण समुद्र प्रदूषित हो जाते हैं। इसके साथ समुद्री जीवों और वनस्पति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।

मनुष्य ने पहिए से लेकर विमान तक पहुँचने में कितनी बड़ी यात्रा तय की है। किन्तु अभी उसे संतोष कहाँ? आजकल ऐसे यानों का निर्माण भी हो चुका है जिनमें बैठकर मनुष्य अन्तरिक्ष की यात्रा भी कर सकता है। अभी और भी सम्भावनाएँ अपेक्षित हैं।

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