Khomche walo ki shikayat pradhanacharya ko patra

Khomche walo ki shikayat pradhanacharya ko patra for all students of class 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11 and 12. Most students find difficulty in writing letter on new topics but you don’t need to worry now. Read and write this letter in your own words. खोमचेवालों की शिकायत करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र।

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Khomche walo ki Shikayat Pradhanacharya ko Patra

विद्यालय के मुख्य द्वार पर बैठे खोमचेवालों की शिकायत करते हुए प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए।

परीक्षा भवन
करनाल, हरियाणा

दिनांक 01-11-20XX

सेवा में
प्रधानाचार्य जी
स-क- विद्यालय
करनाल (हरियाणा)

विषय – खोमचेवाले की शिकायत हेतु पत्र

महोदय,

निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय की आठवीं कक्षा का छात्र हूँ। मैं आपका ध्यान विद्यालय के द्वार पर खड़े खोमचे-रेहड़ीवालों की ओर दिलाना चाहता हूँ। विद्यालय की छुट्टी के समय अनेक खोमचेवाले आइसक्रीम, छोले-कुलचे, टॉफ़ी-चूरन आदि की अपनी-अपनी रेहड़ी लेकर विद्यालय के बिलकुल मुख्य द्वार पर खड़े हो जाते हैं, इससे हम सभी को आने-जाने में असुविधा होती है। कई बार तो दुर्घटना भी हो जाती है; इतना ही नहीं, इनके द्वारा लाया गया सामान पूरी तरह से स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक भी नहीं होता है; ये लोग खाद्य सामग्री को ढंककर नहीं रखते हैं, उसपर मक्खियाँ भिनभिनाती रहती हैं। व्यक्तिगत रूप से कई बार मना करने पर भी वे नहीं सुन रहे हैं।

अतः आपसे अनुरोध है कि इनके खिलाफ़ कोई सख्त कदम उठाएँ।

सधन्यवाद!

भवदीय

आपका आज्ञाकारी शिष्य
क, ख, ग।
कक्षा-आठवीं-‘क’

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