Mitra ko Chot Lagne par Samvedna Patra in Hindi मित्र को चोट लगने पर संवेदना पत्र

Mitra ko Chot Lagne par Samvedna Patra in Hindi for all students of class 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 10, 11 and 12. After reading this you can write a letter in your own words and impress examiner in letter writing. मित्र को चोट लगने पर संवेदना पत्र।

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Mitra ko Chot Lagne par Samvedna Patra in Hindi

11, आबिदा मार्ग, लखनऊ की कृति की सखी रमा को चोट लगी है। उसकी ओर से एक संवेदना-पत्र लिखिए।

कृति
11, आबिदा मार्ग
लखनऊ
15 अक्तूबर, 2008

प्रिय रमा

आशा है अब तुम स्वस्थ होगी। कल किरण से पता चला कि तुम्हारे साथ दुर्घटना घटित हो गई है और तुम अस्पताल में दाखिल हो। अस्पताल का नाम सुनकर ही मन में कुशंकाएँ आने लगती हैं। किरण ने बताया कि तुम साइकिल पर सवार थीं और एक ट्रक ने पीछे से तुम्हें टक्कर मारी। भगवान का शुक्र है कि तुम अपने बाईं ओर गिरा, वरना न जाने क्या हो गया होता। जितना बचाव हो जाए, उतना ही अच्छा। मुझे अब तुम्हारी चोटग्रस्त स्थिति की कल्पना करके ही दुख हो रहा है। यह भी ईश्वर की कृपा है कि हड्डी पर चोट नहीं आई, सिर्फ ऊपरी घाव और खरोंचे आई हैं। ईश्वर करेगा, ये सब चोटें उचित उपचार से शीघ्र ठीक हो जाएँगी। मुझे तुम्हारे साथ पूरी सहानुभूति है। अच्छा होता, अगर मैं तुम्हारे पास आकर तुम्हारी कुछ सेवा कर पाती। किंतु परीक्षाओं के कारण अब आना नहीं हो सकेगा।

आशा है तुम शीघ्र स्वस्थ हो जाओगी। तुम दिलेर हो। तुम्हारी दिलेरी ही तुम्हें स्वस्थ कर देगी। माता-पिता और शैलेश को मेरी नमस्ते देना।

तुम्हारी
कृति

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