Pariksha Ki Tayari Letter in Hindi | परीक्षा के सन्दर्भ में पिता जी को पत्र

Write a letter to your father about your preparation for annual exam in Hindi. Pariksha Ki Tayari Letter in Hindi – परीक्षा के सन्दर्भ में पिता जी को पत्र।

Pariksha Ki Tayari Letter in Hindi

परीक्षा के सन्दर्भ में पिता जी को पत्र

गोबिन्दगढ़, जालन्धर शहर।
1-6-19…

पूज्य पिता जी,

                                           सादर चरण-वन्दना।

                आपका प्यार और आशीर्वाद भरा पुत्र मुझे परीक्षा आरम्भ होने से पहले प्राप्त हो चुका था। यह सोच कर कि परीक्षा समाप्त होने पर ही पत्र लिखूंगा, शीघ्र उत्तर न दे पाया। आपको यह बताते हुए मुझे अपार हर्ष हो रहा है कि मेरे सभी प्रश्न-पत्र बहुत अच्छे हुए हैं। गणित, विज्ञान, अंग्रेज़ी और संस्कृत में मुझे पूर्ण विश्वास है कि मैं 95% से अधिक अंक ही अजित करूंगा। सामाजिक अध्ययन का जहां तक प्रश्न है, मैंने प्रश्नों के उत्तर देने में कोई भी त्रुटि नहीं की है। अन्य परीक्षार्थियों की अपेक्षा मेरे उत्तर अधिक सटीक, व्यवस्थित और दीर्घाकार है। यदि भाग्य साथ रहा तो आपके आशीर्वाद से मैं इस विषय में भी 85% के आस-पास अंक प्राप्त कर लूंगा। शारीरिक शिक्षा का जहां तक प्रश्न है, लिखित प्रश्न-पत्र में कोई भी कमी नहीं है। सभी प्रश्नों के उत्तर उच्च स्तरीय हैं तथा आवश्यकता अनुसार चित्र भी दिए हैं। प्रेक्टीकल परीक्षा में मेरे पास बैटमिन्टन में राज्य-स्तर के प्रमाण-पत्र हैं, जिसमें मुझे अधिक अंक देने में परीक्षक को कोई असुविधा न होगी। अपने विद्यालय के बैडमिन्टन की टीम का कप्तान होने का लाभ भी मुझे मिलेगा। विज्ञान में प्रेक्टीकल परीक्षा में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने में कोई हिचक नहीं होगी।


                जहां तक हिन्दी और पंजाबी भाषा का प्रश्न है, हिन्दी में मैं अपनी कक्षा में सर्वाधिक अंक लेता रहा हूं और अब भी लूंगा क्योंकि यह विषय मेरी रुचि का है। पंजाबी में मैं लगभग 75% अंक अवश्य ही प्राप्त कर लूंगा।


                अब कुल मिला कर आपको यह विश्वास दिलाता हूं कि मैं केवल विशेष योग्यता सूची में स्थान ही प्राप्त नहीं करूंग, अपितु प्रान्त भर में प्रथम दस स्थान प्राप्त करने वालों में भी अवश्य रहेगा। अब केवल विज्ञान का प्रेक्टीकल होना बाकी है। उसी दिन मैं संध्या को लगभग सात बजे आपके पास पहुंच जाऊंगा। पूज्य माता जी को प्रणाम। नीता को विशेष प्यार।

शेष मिलने पर ही।

आपका प्रिय पुत्र,
सुमेश।