Essay on International trade fair in Hindi अंतराष्ट्रीय व्यापार मेला पर निबंध

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Essay on International trade fair in Hindi

अंतराष्ट्रीय व्यापार मेला पर निबंध

14 नवम्बर से 27 नवम्बर तक दिल्ली एक मेला-स्थल का रूप ले लेती है। भारत के विभिन्न भागों और प्रांतों से ही नहीं अपितु विश्व के अनेकानेक भागों से लोग भिन्न-भिन्न उद्देश्यों से इसमें सम्मिलित होते हैं। इस दौरान दिल्ली का प्रगति मैदान भीड़-भाड़ से भरा रहता है। वहां सरकार की ओर से व्यापक सुरक्षा के इंतजाम किये जाते हैं। साथ ही मेले में आने वाले लोगों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाता है। आपने कभी न कभी दिल्ली का पुराना किला अवश्य देखा होगा, उसी के बगल में एक लम्बा-चौड़ा मैदान है, जिसमें प्रवेश करने के लिए अनेक प्रवेश द्वारों की व्यवस्था की गयी है, जिनका प्रयोग मेले में सम्मिलित होने वाले लोग करते हैं।

भारतीय व्यापार मेला प्राधिकरण एक लम्बे समय से इस मेले का भव्य आयोजन दिल्ली के प्रगति मैदान में कर रहा है। इसमें हजारों की संख्या में व्यापारी, औद्योगिक कम्पनियां आदि अपने-अपने सामानों की प्रदर्शनी लगाते हैं। ऐसा नहीं है कि इसमें मात्र भारतीय कम्पनियां ही होती हैं, अपति इस व्यापार मेले की शोभा बढ़ाने के लिए विश्व के कोने-कोने से व्यापारिक संस्थान आते हैं। इस मेले का आयोजन कुछ ऐसा होता है कि लोग दूर-दूर से मात्र देखने और घूमने-फिरने के लिए चले आते हैं। इस मेले में शामिल होने वाले सामान्य लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है। इसका कारण यह है कि इस मेले के माध्यम से लोग विश्व के काने-कोने में बनाई जाने वाली वस्तुओं से न केवल परिचित होते हैं, अपितु अच्छी लगने पर उन्हें खरीद भी लेते हैं।

आप अगर कभी इस मेले में सम्मिलित हुए होंगे, तब आपने इस बात का अनुभव किया होगा कि इस मेले को व्यवस्थित रूप से सजाया जाता है। अव्यवस्था जैसी चीज आपको इस मेले में नहीं दिखाई पड़ेगी। वस्तुत: इस प्रकार के व्यापार मेलों द्वारा अनेकानेक वस्तुओं का विज्ञापन सहज ही हो जाता है, जिससे उनके व्यापार तथा निर्यात को बढ़ावा और प्रोत्साहन प्राप्त होता है। इससे राष्ट्रीय विकास की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्माण होता। आधुनिक विश्व में हम इन व्यापार मेलों के महत्व को किसी भी प्रकार से नकार नहीं सकते हैं। इनका हमारे जीवन में अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान है।

जिस समय दिल्ली के प्रगति मैदान में इस मेले का आयोजन किया जाता है, उससे हफ्तों पहले से ही इस मेले के विज्ञापन अखबारों और संचार माध्यमों से प्रकाशित होने लगते हैं। देश के प्रतिनिधि, नेता आदि भी इस मेले में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराते हैं। उनका यह कार्य जनता को प्रोत्साहित करने वाला होता है। इस मेले का विज्ञापन एक अत्यंत रोचक विधि से भी किया जाता है। इसके लिए प्राधिकरण एक गैसीय-गुब्बारे का उपयोग करता है। यह गुब्बारा इस पूरे आयोजन के दोरान प्रगति-मदान के उपर घूमता रहता है। यह गब्बारा छोटे-छोटे बच्चों में अत्यधिक उल्लास का संचार करने वाला होता है।

जैसा आप स्वयं भी जानते हैं, इस मेले को पूरी व्यवस्था के साथ सजाया जाता है। इसमें अव्यवस्था का कोई चिन्हें आपको नहीं दिखलाई पडेगा। इस मेले में शिरकत करने वाले सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, अपने राज्य अथवा देश के नाम से स्थापित किये गए पंडाल में ही अपनी प्रदर्शनीय वस्तुओं को रखते हैं। यहाँ जितने भी पंडाल या टेंट लगाए जाते हैं वे किसी न किसी राज्य अथवा देश के नाम पर चिन्हित होते हैं।

इस व्यापार मेले में छोटे-छोटे सामान के साथ अत्यधिक महगें से महंगा सामान भी आपको मिल जाएगा। मेले में प्रायः उन वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाता है, जिनका प्रयोग सारे संसार में समान रूप से होता है। मशीनें, टी।वी।, रेडियो, कार, मोटर साइकिल, व्यापारिक मशीनें, हाथों से निर्मित वस्तुएं, कलाकृतियाँ आदि अनेक वस्तुएं इस मेले में प्रदर्शित की जाती है, जिनका आनन्द मेले में आने वाले लोग लेते हैं। हमें आशा है, इस बार आप भी इस मेले को देखने अवश्य जाएंगे।

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