Apne Hostel ke bare me Mataji ko patra – छात्रावास के विषय में माताजी को पत्र

Write a letter to your mother about your hostel life in Hindi. Apne Hostel ke bare me Mataji ko patra.

Apne Hostel ke bare me Mataji ko patra

छात्रावास के विषय में माताजी को पत्र

माता जी को छात्रावास के सम्बन्ध में पत्र।
18, चरणजीतपुरा,
जालन्यर।
22-8-19..

पूज्य माता जी,

                                  सादर चरण वन्दना।

               आपका पत्र मिला। आप छात्रावास में मेरी व्यवस्था के सम्बन्ध में जानने के लिए उत्सुक हैं और साथ ही चिन्तित भी हैं। वास्तव में मैं भी आरम्भ में घबराया हुआ था कि न जाने छात्रावास का जीवन किस प्रकार का होगा। लेकिन अब मैं स्वयं को इस प्रकार के छात्रावास में स्थान प्राप्त करने के लिए भाग्यशाली मानता हूं। यह छात्रावास वस्तुत: महाकवि रवीन्द्र नाथ टैगोर के शान्ति निकेतन की याद दिलाता है। शहर से दूर घने पेड़ों के बीच में, खुले स्थान में, स्वच्छ वातावरण लिए इस छात्रावास का भवन आकर्षक है। इसके स्नानागार, शौचालय तथा खुले और बड़े कमरे, सुन्दर क्रीड़ा-स्थल प्रमुख विशेषताएं हैं।


               सभी प्रकार के भेद-भावों को भुलाकर यहां विद्यार्थी रहते हैं। प्रातः चार बजे उठकर सामूहिक प्रार्थना होती है और उसके पश्चात् सभी अपने-अपने अध्ययन में व्यस्त हो जाते हैं। हमारे छात्रावास के अधिकारी हमारे साथ पुत्रवत् व्यवहार करते हैं। सुबह दस मिनट के लिए किसी विशिष्ट विद्वान् का प्रवचन होता है, जिसमें वे हमें जातिगत संकीर्ण विचारों को छोड़ कर राष्ट्र के प्रति प्रेम, नैतिकता, चरित्रबल तथा परिश्रम का संदेश देते हैं। इससे हमें प्रेरणा मिलती है।

जहां तक अनुशासन का सम्बन्ध है वह यहां की सबसे पहली शर्त है। अनावश्यक रूप से कोई भी छात्र बाहर नहीं घूमता और न किसी दूसरे के कमरे में जाकर उसका समय नष्ट करता है। | सप्ताह में एक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। मैं भी इस बार वाद-विवाद, प्रतियोगिता में भाग लूंगा और मुझे विश्वास है कि मैं प्रथम पुरस्कार अवश्य जीत लूंगा। यहां छात्रों को देश-दर्शन करने के लिए भी ले जाते हैं और जब यह कार्यक्रम बनेगा तो मैं आपको सूचित करूंगा। मेरा साथी विनय आपको प्रणाम कहता है। पिता जी को प्रणाम तथा छोटे भाई को प्यार।

आपका प्रिय पुत्र,
कमल।