गुरु पूर्णिमा पर निबंध | Essay on Guru Purnima in Hindi

गुरु पूर्णिमा पर निबंध Essay on Guru Purnima in Hindi – कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए ( Guru Purnima Essay in Hindi – गुरु पूर्णिमा पर निबंध) हिंदी में।

Essay on Guru Purnima in Hindi – गुरु पूर्णिमा पर निबंध

Essay on Guru Purnima in Hindi
गुरु पूर्णिमा पर निबंध

Essay on Guru Purnima in Hindi 250 Words

भारत त्यौहारो का देश है। भारत में कई त्यौहार मनाये जाते हैं जैसे दिवाली, होली व गुरू पूर्णिमा इत्यादि। गुरू पूर्णिमा हिन्दुओं का एक प्रसिद्व त्यौहार हैं। संस्कृत भाषा में ‘गु’ का अर्थ होता है अंधकार और ‘रू’ का अर्थ है जो हटा देता है। अशदा मासा के महीने में पूर्णिमा के दिन गुरू पूर्णिमा मनायी जाती है। गुरू पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन ‘गुरू’ यानी एक शिक्षक के सम्मान के रूप में भी मनाया जाता है। यह वेद व्यासा की पवित्र स्मृति के रूप में भी मनाया जाता है जो पहले शिक्षक थे। जिन्होने सभी चार वेदों का दस्तावेज तैयार किया था। यही कारण है कि गुरू पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

गुरू पूर्णिमा अपने गुरू से प्राप्त महान ज्ञान के लिए आभारी होने का दिन होता है। एक गुरू वह व्यक्ति है जो हमें जीवन का सबक सिखाता है और हमें एक बेहतर व्यक्ति बनने में मदद करता है। एक गुरू न केवल हमें अपने लक्ष्य तक पहुंचने की सही दिशा देता है। बल्कि हमें इसे प्राप्त करने के लिए प्रेरित भी करता है। माता-पिता हमारे पहले गुरू है और वे हमेशा सही रास्ते पर मार्गदर्शन करने के लिए बताते हैं। हमारा दूसरे गुरू है जो हमारे सामाजिक और सांस्कृति विश्वास को परिभाषित करता है। गुरू हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह वह लोग है जो हमें मार्गदर्शन करते हैं, हमें प्रेरित करते हैं और हमारे ऊपर विश्वास करते हैं।

हर किसी को इस त्यौहार के महत्व को समझना चाहिए और अपने गुरूओं का सामान करना चाहिए।

हम आशा करते हैं कि आप इस पत्र ( Essay on Guru Purnima in Hindi – गुरु पूर्णिमा पर निबंध ) को पसंद करेंगे।

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