Atal Bihari Vajpayee in Hindi अटल बिहारी वाजपेयी

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hindiinhindi Atal Bihari Vajpayee in Hindi

Essay on Atal Bihari Vajpayee in Hindi

आम आदमी के नेता के रूप में लोकप्रिय अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर, 1926 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हुआ। उनके पिता कृष्ण बिहारी एक शिक्षक थे। अटल बचपन से ही देशभक्त थे। वे एक ऐसे संगठन की तलाश में थे, जिससे जुड़कर वे देश के लिए कुछ कर पाएँ। आखिर वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य बन गए। इसके साथ ही वे आजादी के लिए चल रहे राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ गए और उसकी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगे। इसी बीच वे जेल भी गए। ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से स्नातक और कानपुर के डीएवी से राजनीतिविज्ञान में स्नातकोत्तर करने के बाद वे आरएसएस की एक पत्रिका का संपादन करने लगे। आजादी के बाद 1951 में जनसंघ नामक राजनीतिक पार्टी से जुड़ गए और पार्टी के संस्थापक व अध्यक्ष श्यामाप्रसाद मुखर्जी के निजी सचिव बन गए। 1957 में जनसंघ में रहते हुए ही वे लोकसभा के सदस्य चुने गए। इसके बाद दो बार वे राज्यसभा के सदस्य रहे। 1977 तक वे जनसंघ नेता के रूप में संसद में विपक्ष के नेता रहे। 1977 से 1980 तक वे विदेश मंत्री रहे। 1980 में ही उन्होंने अन्य नेताओं के साथ मिलकर भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की और अगले छह साल तक इसके अध्यक्ष रहे। विपक्ष में रहने के दौरान भी वे हमेशा एक सक्रिय राजनेता रहे। वे अनेक बार विदेश जाने वाले भारतीय प्रतिनिधि दलों का हिस्सा बने। 1996 में जब भारतीय जनता पार्टी को संसद में सबसे ज्यादा सीटें मिलीं, तब वे देश के प्रधानमंत्री बने। हालाँकि 13 दिन बाद ही उनकी सरकार गिर गई।

1998 में वे एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में केंद्र में बनी साझा सरकार के प्रमुख और देश के प्रधानमंत्री बने। इस बार उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मई, 1998 में पोखरण में किया गया परमाणु परीक्षण था। अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों ने भारत पर कई प्रतिबंध लगा दिए, लेकिन वाजपेयी अडिग रहे। उन्होंने कहा कि हमने परमाणु ऊर्जा देश के हित में हासिल की है और उससे किसी का नुकसान नहीं किया जाएगा। इस फैसले में पूरा देश उनके साथ रहा। वाजपेयी एक कुशल वक्ता हैं, जो कभी अपने भाषण तैयार नहीं करते। वे एक अच्छे कवि भी हैं और उन्होंने कई कविता-संग्रह लिखे हैं। ‘मेरी इक्यावन कविताएँ’ उनकी मुख्य पुस्तक है। बागबानी, फिल्में देखना, कविताएँ लिखना उनके शौक हैं। अब वे सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके हैं। अस्वस्थ रहने पर भी वे समय-समय पर अपनी पार्टी का मार्गदर्शन करते रहते हैं। सेहत ख़राब होने की वजह से 16 August 2018 को उनका निधन हो गया।

Best Poem of Atal Bihari Vajpayee in Hindi

दूध में दरार पड़ गई

खून क्यों सफेद हो गया?

भेद में अभेद खो गया.
बंट गये शहीद, गीत कट गए,
कलेजे में कटार दड़ गई.
दूध में दरार पड़ गई.

खेतों में बारूदी गंध,
टूट गये नानक के छंद
सतलुज सहम उठी, व्यथित सी बितस्ता है.
वसंत से बहार झड़ गई
दूध में दरार पड़ गई.

अपनी ही छाया से बैर,
गले लगने लगे हैं ग़ैर,
ख़ुदकुशी का रास्ता, तुम्हें वतन का वास्ता.
बात बनाएं, बिगड़ गई.
दूध में दरार पड़ गई.

Famous Quotes of Atal Bihari Vajpayee in Hindi

गरीबी बहुआयामी है यह पैसे की आय से परे शिक्षा, स्वास्थ्य की देखरेख, राजनीतिक भागीदारी और व्यक्ति की अपनी संस्कृति और सामाजिक संगठन की उन्नति तक फैली हुई है। – अटल बिहारी वाजपेयी

जैव विविधता सम्मेलन से दुनिया के गरीबों के लिए कोई भी ठोस लाभ नहीं निकला है। – अटल बिहारी वाजपेयी

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