Essay on Goa in Hindi – गोवा पर निबंध

गोवा पर निबंध – Essay on Goa in Hindi. कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए गोवा पर निबंध | Essay on Goa in Hindi for students. Learn an essay on Goa in Hindi to score well in your exams.

Essay on Goa in Hindi
Essay on Goa in Hindi – गोवा पर निबंध

गोवा पर निबंध – Essay on Goa in Hindi 400 Words

पूरी दुनिया में गोवा अपने खूबसूरत समुद्री किनारों और शानदार स्थापत्य के लिए जाना जाता है। क्षेत्रफल के हिसाब से यह भारत का सबसे छोटा और जनसंख्या के हिसाब से दूसरा सबसे छोटा राज्य है। इतिहास में सबसे पहले महाभारत में गोवा का वर्णन मिलता है। उस समय इसे गोपराष्ट्र या गाय चराने वालों का देश कहा जाता था।

इस स्थान का नाम गोवा पुर्तगालियों ने रखा था। उन्होंने यहाँ लगभग 400 साल तक राज किया। 1489 में वास्कोडिगामा द्वारा भारत के लिए समुद्री मार्ग की खोज के बाद कई पुर्तगाली यात्री भारत आए। यदि 17वीं शताब्दी के शुरुआती सालों को छोड़ दिया जाए, जब शिवाजी ने गोवा तथा उसके आसपास के कुछ क्षेत्रों पर अधिकार कर लिया था, तब समूचे क्षेत्र पर लंबे समय तक पुर्तगालियों का शासन जारी रहा। इतने समय तक पुर्तगाल का शासन रहने के कारण आज भी पुराने गोवा के घरों की बनावट में पुर्तगालियों की छाप नज़र आती है। भारत के स्वतंत्र होने के बाद भी गोवा पुर्तगालियों के कब्जे में रहा, लेकिन 19 दिसंबर, 1961 को गोवा भारतीय प्रशासन को सौंप दिया गया। बाद में 30 मई, 1987 को गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया।

प्रशासनिक स्तर पर गोवा मुख्य रूप से दो भागों में बँटा हुआ है, उत्तरी और दक्षिणी गोवा। उत्तरी गोवा में मायेम झील, वागाटोर बीच, अंजुना बीच, कलंगूट बीच और फोर्ट अगोडा आदि हैं, जबकि दक्षिणी गोवा में राजधानी पणजी, डोना पाउला बीच, पुराने गोवा के बाम जीसस और सी कैथेड्रल चर्च आदि हैं।

वैसे तो गोवा कभी भी जाया जा सकता है, पर अक्तूबर से मई तक का समय गोवा जाने के लिए सबसे बढ़िया माना जाता है। खास तौर से दिसंबर में तो गोवा जाने का अलग ही मज़ा है। क्रिसमस और नया साल यहाँ बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। नया साल मनाने दुनिया भर से लोग यहाँ आते हैं। इस समय यहाँ की रौनक देखते ही बनती है। यहाँ की मुख्य भाषा कोंकणी और मराठी है, लेकिन पूरे गोवा में हिंदी बोली व समझ जाती है। गोवा के लिए दिल्ली, मुंबई, कोचीन और तिरुअनंतपुरम से सीधी विमान सेवा उपलब्ध है। इसके साथ ही यह रेलमार्ग से भी जुड़ा है। कोंकण रेलमार्ग गोवा होते हुए गुजरता है। यह भारत का महत्त्वपूर्ण रेलमार्ग है। सड़क के जरिए भी गोवा आसानी से पहुँचा जा सकता है। ठहरने के लिए गोवा में निजी और सरकारी क्षेत्र के कई होटल हैं।

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