श्रम का महत्व पर निबन्ध – Shram Ka Mahatva – Essay on Importance of Labour in Hindi

Essay on Importance of Labour in Hindi/ Shram Ka Mahatva – श्रम का महत्व पर निबन्ध| Learn Hindi essay in 300 words for class 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 and 12 students.

Shram Ka Mahatva
श्रम का महत्व पर निबन्ध

Shram Ka Mahatva

विचार-बिंदु – • संसार में आज जो भी ज्ञान-विज्ञान की उन्नति और विकास है, उसका कारण है। परिश्रम • परिश्रम करने में बुद्धि और विवेक आवश्यक • परिश्रम से मिलने वाले लाभ • उपसंहार।

परिश्रम उन्नति का द्वार है। मनुष्य परिश्रम के सहारे ही जंगली अवस्था से वर्तमान विकसित अवस्था तक पहुँचा है। उसी के सहारे उसने अन्न उपजाया। वस्त्र बनाए। घर, मकान, भवन, बाँध, पुल, सड़कें बनाईं। तकनीक का विकास किया, जिसके सहारे आज यह जगमगाती सभ्यता चल रही है। परिश्रम केवल शरीर की क्रियाओं का ही नाम नहीं है। मन तथा बुद्धि से किया गया परिश्रम भी परिश्रम कहलाता है। हर श्रम में बुद्धि तथा विवेक का पूरा योग रहता है। परिश्रम का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे लक्ष्य प्राप्त करने में सहायता मिलती है। परिश्रम करने वाला मनुष्य सदा सुखी रहता है। उसे मन-ही-मन प्रसन्नता रहती है कि उसने जो भी भोगा, उसके बदले उसने कुछ कर्म भी किया।

परिश्रमी व्यक्ति का जीवन स्वाभिमान से पूर्ण होता है, वह स्वयं अपने भाग्य का निर्माता होता है। उसमें आत्मविश्वास होता है। परिश्रमी व्यक्ति किसी भी संकट को बहादुरी से झेलता है तथा उससे संघर्ष करता है।

परिश्रम कामधेनु है जिससे मनुष्य की सब इच्छाएँ पूरी हो सकती हैं। मनुष्य को मरते दम तक परिश्रम का साथ नहीं छोड़ना चाहिए। जो परिश्रम के वक्त इनकार करता है, वह जीवन में पिछड़ जाता है।

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