Republic Day Essay in Hindi

Republic Day Essay in Hindi – गणतंत्र दिवस पर निबंध

गणतंत्र दिवस पर निबंध (Republic Day Essay in Hindi) – कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए गणतंत्र दिवस पर निबंध हिंदी में।

Republic Day Essay in Hindi

Republic Day Essay in Hindi
Essay on Republic Day In Hindi

Republic Day Essay in Hindi 500 Words

गणतंत्र दिवस पर निबंध

जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं,

वह हृदय नहीं, पत्थर है, जिसमें देश से प्यार नहीं।

 

हमारे देश में अनेक पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं। उनमें से कुछ त्योहार जाति विशेष तक ही सीमित होते हैं। लेकिन राष्ट्रीय पर्व तो प्रत्येक नागरिक के मन में उत्साह पैदा करते हैं।

26 जनवरी 1930 में जब लाहौर में रावी नदी के किनारे एक अधिवेशन हुआ तो उसमें भारतवासियों ने राष्ट्रीय झण्डे के नीचे खड़े होकर प्रतिज्ञा की कि हम भारत की आजादी की माँग करेंगे और उसके लिए अन्तिम साँस तक संघर्ष करेंगे।

15 अगस्त 1947 को भारत के स्वतन्त्र होने के बाद डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने भारत का नया संविधान तैयार किया था। जिसे 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया । उस दिन भारत को गणतन्त्र राज्य घोषित किया गया । 26 जनवरी को ही गणतन्त्र दिवस कहते हैं। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गणतन्त्र भारत के पहले राष्ट्रपति थे। उन्होंने पहली बार दिल्ली के लाल किले पर झंडा फहराया था।

 

*26 जनवरी आकर कहती है हमें बारम्बार,

संघर्षों से ही मिलता है जीने का अधिकार |

तब से प्रति वर्ष 26 जनवरी को यह पर्व मनाने की परम्परा चली आ रही है । यह पर्व पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। परन्त भारत की राजधानी दिल्ली में तो गणतन्त्र समारोह की शोभा ही निराली होती है । परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति’ पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। राष्ट्रपति भवन से राष्ट्रपति की सवारी अपने अंगरक्षकों के साथ 14 घोड़ों वाली बग्घी में निकलती है। जब सवारी इंडिया गेट पर आती है वहाँ पर प्रधानमंत्री आदरणीय राष्ट्रपति का स्वागत करते हैं । कनॉट प्लेस, अजमेरी गेट, चाँदनी चौंक से होता हुआ लाल किले तक जाकर समाप्त हो जाती है। सलामी देने के लिए थल सेना, जल सेना, वायु सेना की चुनी हई टुकडियाँ सवारी के साथ-साथ चलती है। राष्ट्रीय धन के साथ राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं । इक्कीस तोपों की सलामी दी जाती है । वायुयान करतब दिखाते हुए राष्ट्रपति को सलामी देते है।

हैलीकॉप्टरों से फूल बरसाए जाते हैं । आकाश में तिरंगे गुब्बारे और सफ़ेद कबूतर छोड़े जाते हैं । अशोक चक्र’, ‘कीर्ति चक्र’ एवं ‘राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार’ आदि राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं । हर प्रदेश द्वारा लोक-नृत्य, शिल्प-कला एवं विकास कार्यों की झांकियाँ प्रस्तुत की जाती हैं । इस समारोह को देश-विदेश से लोग देखने आते हैं । यह पर्व हमारी राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है । इस दिन विद्यालयों लयों एवं कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर ध्वजारोहण किए जाते हैं । रात को सरकारी भवनों पर रोशनी की जाती है । इस दिन के उपलक्ष्य में हमें यह प्रतिज्ञा करनी चाहिए कि –

“तेरी रक्षा तन, मन- धन से, हम सब सदा करेंगे मिलकर ।

तेरे लिए जियेंगे हम सब, तेरे लिए मरेंगे मिलकर ।।”

तभी हम उन वीरों का कर्ज चुकता कर सकेंगे और अपनी आजादी को कायम रख सकेंगे ।

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