Pradhan Mantri Mudra Yojana Essay in Hindi | प्रधानमंत्री मुद्रा योजना पर निबंध

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना पर निबंध Essay on Pradhan Mantri Mudra Yojana in Hindi. कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना पर निबंध हिंदी में। Know more about Pradhan Mantri Mudra Yojana in Hindi. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना पर निबंध।

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Essay on Pradhan Mantri Mudra Yojana in Hindi 500 Words

परिचय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को छोटे कारोबारियों को व्यवसाय में बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुद्रा बैंक योजना की घोषणा की है, इसे प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भी कहा जाता है। जिसकी शुरुआत वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट (2015-16) में 20 हजार करोड़ कोष और 3 हजार करोड़ रुपये साख गारंटी रखकर की है। यह योजना बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है क्योंकि यह छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन देती है, बल्कि विकास को देश के सबसे छोटे स्तर से शुरु करती है।

मुख्यभाग

मूल रूप से देश के गैर कॉर्पोरेट छोटे व्यापरियों के वित्तिय पोषण जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत सरकार द्वारा तैयार किया गया उपक्रम है। यह विचार छोटे व्यापारियों को वित्तिय सहायता प्रदान करने के लिए है क्योंकि भारत में इन्हीं छोटे व्यापार करने वालों की आबादी ज्यादा है।

मुद्रा का पूरा नाम है – माईक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाईनेंस एजेंसी लिमिटेड मुद्रा बैंक की शिशु श्रेणी के तहत जो व्यापार अभी-अभी शुरू हुए हैं, उनके लिए 50,000 रूपये केवल 10 प्रतिशत की ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है। वहीं किशोर श्रेणी में 50,000 रुपये से लेकर 5 लाख रूपये केवल 14 से 17 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है और तरूण श्रेणी में वे कारोबारी हैं जो स्थापित हो कर प्रतिष्ठित हो गये है उन्कों 10,00,000 रूपये केवल 16 प्रतिशत ब्याज दर से लोन उपलब्ध करवाती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों की श्रेणी की महिलाओं के लिए लोन देने को प्राथमिकता दी जाएगी।

मुद्रा बैंक का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत सूक्ष्म व्यवसायों के लिए स्थानीय ऋण आपूर्ति की एक अच्छी संरचना का निर्माण करना।
छोटे उद्योग वित्त पोषण व्यवसायों के लिए नीति और दिशा निर्देशों को निर्धारित करना।
सूक्ष्म वित्तीय संस्थाओं का पंजीकरण।
सूक्ष्म वित्तीय संस्थाओं का मूल्यांकन।
अल्प वित्त संस्थाओं को मान्यता प्रदान करना।
कुटीर उदयोगों के लिए ऋण प्रदान करने वालों के लिए मानक नियम पत्रों के समूह का विकास।
उचित ग्राहक सुरक्षा सिद्धान्तों और वसूली के नियमों को सुनिश्चित करना।

निष्कर्ष

मुद्रा योजना के तहत आसानी से लोन मिलने पर बड़ी संख्या में रोजगार के मौके बनेंगे। मुद्रा योजना से पहले तक छोटे उद्यम के लिए बैंक से लोन लेने में काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती थीं। इसके लिए गारंटी भी देनी पड़ती थी। इस वजह से कई लोग उद्यम तो शुरू करना चाहते थे, लेकिन बैंक से लोन लेने से कतराते थे। मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के लोन मिलता है, इसके अलावा लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है। मुद्रा योजना में लोन चुकाने की अवधि को 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

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