पत्रिका का ग्राहक बनने पर पत्र | Patrika Ka Grahak Banne Par Patra

‘सुमन सौरभ’ पत्रिका के संपादक को पत्र लिखकर पत्रिका का ग्राहक बनाने का अनुरोध कीजिए। Write a letter on “पत्रिका का ग्राहक बनने पर पत्र – Patrika Ka Grahak Banne Par Patra”

Patrika Ka Grahak Banne Par Patra
पत्रिका का ग्राहक बनने पर पत्र

Patrika Ka Grahak Banne Par Patra

संपादक 29 जुलाई, 20।।।
‘सुमन सौरभ’
23, करोलबाग नई दिल्ली

विषय – पत्रिका का ग्राहक बनाने का अनुरोध।

महोदय,

मैंने अपने पुस्तकालय में आपकी पत्रिका देखी। इससे पहले भी मैंने इसके बारे में सुना था। मुझे यह पत्रिका बहुत अच्छी लगी। इसमें दी गई कहानियाँ रोचक एवं शिक्षाप्रद हैं। इसकी कविताएँ और अन्य मनोरंजक सामग्री भी मुझे अच्छी लगी। साथ ही इसमें ज्ञानवर्धक लेख भी हैं। मैंने निश्चय किया है कि मैं इसकी नियमित ग्राहक बनू। इस हेतु मैं त्रिवार्षिक शुल्क जो 500/- (पाँच सौ रुपये) है बैंक डॉफ्ट द्वारा भेज रही हूँ। बैंक ड्रॉफ्ट संख्या है – GH 810759 है । आशा है आप इसे स्वीकार करेंगे और मुझे पत्रिका नियमित रूप से भेजते रहेंगे।

धन्यवाद

भवदीया
शालिनी शर्मा

में आशा करते हैं कि आप इस पत्र ( पत्रिका का ग्राहक बनने पर पत्र | Patrika Ka Grahak Banne Par Patra ) को पसंद करेंगे।

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